महिलाओं में हार्ट अटैक के लक्षण अक्सर हल्के और अलग दिखाई देते हैं। तीव्र सीने के दर्द के बजाय हल्का दबाव, जबड़े, गर्दन, कंधे या पेट में दर्द, थकान, उल्टी, चक्कर आना या ठंडा पसीना आना जैसे संकेत मिल सकते हैं। इन सूक्ष्म लक्षणों को सामान्य मानकर नज़रअंदाज़ करना खतरनाक हो सकता है और इलाज में देरी जानलेवा बन सकती है। डायबिटीज़, हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, धूम्रपान, तनाव और मीनोपॉज़ के बाद हार्मोनल बदलाव महिलाओं में हार्ट अटैक का ख़तरा बढ़ाते हैं। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, तनाव नियंत्रण और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच हार्ट को सुरक्षित रखती है। शुरुआती संकेत पहचानना और तुरंत चिकित्सकीय मदद लेना जीवन बचा सकता है।