
हाल ही में हुई एक अध्ययन में यह पाया गया कि कम मात्रा में डॉक्सीसाइक्लिन (≤50 मिग्रा प्रतिदिन) का उपयोग, ज्यादा मात्रा (≥100 मिग्रा प्रतिदिन) की तुलना में स्कारिंग एलोपेसिया के इलाज में उतना ही प्रभावी है, लेकिन इसके दुष्प्रभाव कम होते हैं। स्कारिंग एलोपेसिया एक दीर्घकालिक स्थिति है, जिसके लिए लंबे समय तक सूजनरोधी उपचार की आवश्यकता होती है। डॉक्सीसाइक्लिन आमतौर पर इस रोग के इलाज में प्रयोग किया जाता है, लेकिन अधिक मात्रा में लंबे समय तक उपयोग से आंतों के माइक्रोबायोम में असंतुलन और एंटीबायोटिक प्रतिरोध जैसी समस्याएं हो सकती हैं। 241 वयस्कों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि दोनों खुराक समूहों में सूजन में कमी, बालों के झड़ने की प्रगति या रोगी की संतुष्टि में कोई महत्वपूर्ण अंतर नहीं था। कम खुराक लेने वाले केवल 12.1% रोगियों को दुष्प्रभाव हुए, जबकि उच्च खुराक वाले समूह में यह आंकड़ा 23.4% था। ये निष्कर्ष कम खुराक वाली डॉक्सीसाइक्लिन को स्कारिंग एलोपेसिया के लिए एक सुरक्षित और प्रभावी विकल्प के रूप में समर्थन देते हैं।