
घंटों तक गोद में लैपटॉप रखकर झुककर बैठना अब नुकसानदायक बन गया है। हैदराबाद की फिजियोथेरेपिस्ट मीरा राव बताती हैं: “मैंने इस हफ्ते चार 25 वर्षीय युवाओं का इलाज स्लिप्ड डिस्क जैसी तकलीफ के लिए किया — जो पहले 50 साल की उम्र में देखने को मिलती थी।”
हैदराबाद के टेक हब्स जैसे माधापुर और गाचीबौली के ऑर्थोपेडिक क्लिनिकों में 20 से 30 वर्ष की उम्र के लोगों में खराब पोश्चर से जुड़ी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार इसका कारण लंबे समय तक बैठे रहना, गलत पोश्चर, विटामिन D और B12 की कमी और रीढ़ की मांसपेशियों की कमजोरी है। कोविड वर्क फ्रॉम होम दौर में हुए राष्ट्रीय सर्वे के अनुसार, 70% डेस्क वर्कर्स ने शरीर में दर्द की शिकायत की: 43% को गर्दन/ऊपरी पीठ में, 36% को कमर में।
तेलंगाना के टेक प्रोफेशनल राजेश बी (29) कहते हैं: “मेरी कुर्सी में लंबर सपोर्ट नहीं है। शाम तक मेरी पीठ अकड़ जाती है।” MRI में दो डिस्क में उभार पाए गए। ऑर्थोपेडिस्ट डॉ. सुनील वर्मा कहते हैं: “जब तक पोश्चर, स्क्रीन की ऊंचाई और कुर्सी का सपोर्ट नहीं सुधरते, और लोग समय पर चलते-फिरते नहीं, तब तक यह समस्या गंभीर बन जाएगी।”
स्पाइन विशेषज्ञ डॉ. अनीला राचमल्ला, हिमायतनगर से, कहती हैं: “लोगों को अंदाजा नहीं होता कि वे कितनी देर तक गलत मुद्रा में बैठे रहते हैं। यह केवल दर्द नहीं है — यह डिस्क का सूखना, मांसपेशियों में असंतुलन और लंबे समय की क्षति है। अब हम 24 साल के युवाओं में भी पोस्टरल काइफोसिस देख रहे हैं।”
2025 तेलंगाना वेलनेस सर्वे के अनुसार, 62% शहरी डेस्क वर्कर्स ने पिछले साल एर्गोनॉमिक फर्नीचर का उपयोग नहीं किया।
हैदराबाद की स्टार्टअप कंसल्टेंट स्नेहा (27): “मैंने फुटरेस्ट लगाया, लैपटॉप स्टैंड लिया और हर घंटे चलना शुरू किया। फंडिंग आई, लेकिन सबसे बढ़कर मेरी पीठ दर्द दो हफ्ते में गायब हो गई।”
अब सिकंदराबाद और जुबली हिल्स के फिजियोथेरपी क्लिनिक वर्चुअल पोश्चर असेसमेंट और साप्ताहिक मोबिलिटी सेशंस दे रहे हैं।
बचाव के उपाय:
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एर्गोनॉमिक कुर्सी या लंबर सपोर्ट का प्रयोग करें
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स्क्रीन को आंखों के समकक्ष रखें
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हर घंटे में कम से कम 5 मिनट खड़े हों या स्ट्रेच करें
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रोज कोर स्ट्रेंथ एक्सरसाइज करें
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पानी पिएं और विटामिन D, B12 का ध्यान रखें
आज की गई छोटी सावधानियाँ, भविष्य की बड़ी परेशानियों से बचा सकती हैं। हैदराबाद की डेस्क जीवनशैली में आपकी असली ताकत आपकी रीढ़ की हड्डी है।