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नई दिल्ली, जून 2025: संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) की एक हालिया रिपोर्ट ने भारत में एक चिंताजनक प्रवृत्ति को उजागर किया है—लगभग एक-तिहाई वयस्क अनचाही गर्भावस्था या मनचाहा परिवार नहीं बना पाने की स्थिति से जूझ रहे हैं।
विश्व जनसंख्या रिपोर्ट 2025 के अनुसार, 36% भारतीय वयस्कों ने अनचाही गर्भावस्था का अनुभव किया है और 30% का कहना है कि उनके बच्चों की संख्या उनकी इच्छा के अनुरूप नहीं है। चिंताजनक रूप से, 23% लोग दोनों स्थितियों का सामना कर रहे हैं, जो प्रजनन योजना और स्वास्थ्य सेवाओं की गहराई से जुड़ी समस्याओं की ओर इशारा करता है।
रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि समस्या भारत की घटती प्रजनन दर नहीं है, बल्कि प्रजनन स्वतंत्रता की कमी है। सामाजिक दबाव, सीमित स्वास्थ्य सेवाएं, बच्चों के पालन-पोषण की बढ़ती लागत और नौकरी की अस्थिरता जैसे कारण लोगों को अपने परिवार नियोजन में बदलाव के लिए मजबूर कर रहे हैं।